'अमर ज्योति' एक आध्यात्मिक, सामाजिक व पारिवारिक मासिक हिन्दी पत्रिका है, जिसका प्रकाशन व संचालन बिश्नोई सभा, हिसार (हरियाणा) द्वारा किया जाता है। इस पत्रिका काउद्देश्य इस प्रकार है:
गुरु जम्भेश्वर जी ने सम्वत् 1542 में बिश्नोई पंथ की स्थापना की थी। गुरु जम्भेश्वर जी ने अपने उपदेशों द्वारा समराथल पर विराजमान रहते हुए या भ्रमण करते हुए अपने नये पंथ का प्रचार-प्रसार किया था। उनके समय में ही जमों (जागरण) तथा सत्संग द्वारा धर्म प्रचार होने लग गया था।
आधुनिक युग में किसी भी विचारधारा अथवा धार्मिक सिद्धान्तों के प्रचार एवं प्रसार के लिए मुद्रण व प्रकाशन को मुख्य आधार माना गया है। उत्तर प्रदेश के बिश्नोई समाज में वहां की स्थितियों के कारण आधुनिक शिक्षा बहुत फैली। अतः वहां के शिक्षित बन्धुओं ने इस तत्त्व को समझते हुए 'बिश्नोई समाचार', 'बिश्नोई मित्र' व 'बिश्नोई' नामक पत्रिकाओं का प्रकाशन किया परन्तु ये पत्रिकाएं अधिक समय तक नहीं चल सकी।
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अमर ज्योति पत्रिका का उद्देश्य समाज में जागरूकता, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करना है। गुरु जम्भेश्वर जी की शिक्षाएँ आज भी हमारे जीवन के लिए पथ प्रदर्शक हैं।
आइए, हम सब मिलकर प्रकृति, जीव-जंतुओं और मानवता की सेवा के लिए संकल्प लें और इस पत्रिका के माध्यम से अच्छे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग दें।
जगदीशचन्द्र कड़वासरा - अध्यक्ष
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हरित समाज
समृद्ध भविष्य